एक अतिथि की कहानी, Guest story in hindi | Hindi stories

Guest story in hindi | Hindi stories

स्टोरी इन हिंदी, Guest story in hindi, एक गांव में एक बहुत ही सज्जन आदमी रहता था और वह अपने अतिथि को बिल्कुल भी परेशानी नहीं होने देता था उस आदमी का मानना यह था कि जो भी उसके घर पर आया है (hindi stories) उसे वह भगवान की तरह ही समझता था और उसकी बहुत ही खातिर करता था.

Guest story in hindi : एक अतिथि की कहानी

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Guest story in hindi 

एक दिन रात को वह सो रहा था तभी उसके दरवाजे पर दस्तक हुई उस आदमी ने दरवाजा खोला और एक बाहर खड़ा हुआ आदमी उसे दिखाई दिया वह आदमी बोला कि मैं यहां पर अजनबी हूं किसी को नहीं जानता हूं अगर आज रात आप मुझे आश्रय देंगे तो मुझे बहुत ही अच्छा महसूस होगा वह अपने किसी भी अतिथि (guest) को मना नहीं कर सकता था इसलिए वह उसे अंदर ले आया और कहने लगा कि

 

आप यहां बैठ जाइए मैं आपके खाने का प्रबंध करता हूं उस आदमी ने उसके लिए खाने की व्यवस्था की हो और सोने की व्यवस्था की जब सुबह हुई तो उस guest ने कहा कि मैं आपसे विदा चाहता हूं अब मुझे चलना चाहिए आपने मुझे आश्रय दिया इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद उस आदमी ने कहा कि इसमें आपको कुछ भी कहने की जरूरत नहीं है यह तो मेरा कर्तव्य था जो मैंने पूरा किया और कहकर वह guest वहां से चला गया

 

जब वह आदमी बाहर निकला तो उसे कोतवाल ने पकड़ लिया क्योंकि वह चोर था जिसने एक घर में चोरी की थी लेकिन आदमी के पास कोई भी चोरी का सामान नहीं दिख रहा था तभी सामने से वह आदमी आने लगा जिसने आश्रय दिया था और कहने लगा कि तुमने इसे क्यों पकड़ रखा है यह तो मेरे guest है कोतवाल ने सारी बात बताई

Hindi stories | Guest story in hindi

स्टोरी इन हिंदी, लेकिन वह आदमी कहने लगा कि वह कार्य आपके लिए होगा लेकिन यह तो मेरे लिए भगवान है उस आदमी की बातें सुनकर चोर अपने मन में यह सोचने लगा कि मुझे भी सुधर जाना चाहिए उस दिन के बाद उस आदमी ने कभी चोरी नहीं की और वह एक अच्छा इंसान बन गया अगर हम किसी इंसान की अच्छाइयों को बाहर निकालते हैं तो वह भी सुधर सकता है. 

 

अतिथि की दूसरी कहानी : Guest story in hindi

हम बहुत देर से एक ही मकान को खोज रहे हैं लेकिन हमें नहीं मिल रहा है इस तरह हमें शाम हो जाएगी और हमें जिनके घर पर जाना था उनके पास पहुंचते-पहुंचते काफी समय बीत जाएगा हमारे पास जो पता था वह भी गुम हो चुका है और हमें वह मकान मिल नहीं रहा है तभी वह अकादमी से पूछते हैं कि क्या आप इस गली में इस नाम के व्यक्ति को जानते हो

 

तभी वह कहने लगा कि मुझे मालूम नहीं है अब किस तरह पता कर सकते थे उनके सामने सिर्फ नाम के अलावा और कोई जानकारी नहीं थी वह जगह पर पहुंच गए थे जहां पर रहते थे but उस गली में उस आदमी को खोजना बहुत ही मुश्किल है शायद ही कोई उसे जानता होगा यह बात सोचकर वह सभी दुकानों पर जाते हैं और उनका नाम लेते हैं शायद कोई उनके नाम को पहचाने और उन्हें घर का पता बता दे

 

कुछ time बाद एक दुकानदार कहता है कि मैं उन्हें जानता हूं वह तो सामने वाले घर में रहते हैं तब यह दोनों guest कहते हैं कि हम इस घर के सामने से पता नहीं कितनी बार निकल चुके थे लेकिन हमें बिल्कुल पता नहीं था कि जहां जाना था यही वह मकान है उसके बाद वह दोनों guest उस घर में जाते हैं और कहते हैं कि बड़ी मुश्किल से आपका घर मिला हम तो ढूंढ ढूंढ के परेशान हो गए तभी आपके सामने वाले दुकानदार ने हमें पता बता दिया और इस तरह हम आपके घर पर पहुंच गए

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आपका पता भी हमसे गुम हो गया था इसी वजह से परेशानी का सामना करना पड़ा था तभी कहने लगा कि आप मुझे खत लिख कर बता सकते थे मैं आपको वहीं पर लेने आ जाता जिस दिन आपको आना होता है but वह guest कहने लगे कि हम किसी को परेशान नहीं करना चाहते थे इसलिए आपको नहीं बताया life में ऐसी परेशानियां भी आ जाती है कि हम किसी को परेशान नहीं देखना चाहते हो इसी वजह से हम थोड़ी परेशानी अपने ऊपर लेने की कोशिश करते हैं अगर आपको यह hindi stories, अतिथि की कहानी, Guest story in hindi, पसंद है आगे भी शेयर करें कमेंट करके हमें बताएं

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