पत्नी का इंतज़ार मनोहर हिंदी कहानी

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Manohar kahaniya in hindi

Manohar kahaniya, पत्नी का इंतज़ार मनोहर हिंदी कहानी, यह मनोहर कहानी एक पत्नी की है, जोकि हमेशा परेशान रहती थी, उसे लगता था, की उसकी जिंदगी में कुछ हंसी के पल आ सकते है, मगर ऐसा कुछ भी नहीं था, घर में वह दोनों पति और पत्नी उनके साथ दस साल का एक बेटा था, वह पत्नी यही सोचा करती थी घर के काम के सिवाए दिन में कोई भी समय ऐसा नहीं है, जिस समय को वह बहुत अच्छे से जी सकती है, पति हमेशा की तरह अपने ऑफिस निकल जाते है,

मनोहर हिंदी कहानी :- Manohar kahaniya in hindi

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Manohar kahaniya, उसके बाद बेटे को तैयार करके उसे स्कूल भेजना होता है, काम करते हुए दोपहर हो जाती है, मगर कुछ भी समझ नहीं आता है, शादी को बहुत साल बीत गए है, but कोई भी ऐसा समय नहीं आया है, जिससे वह एक अच्छा पल निकाल सके, जिस दिन दोनों घर में रहते है, वह दिन अधिक काम वाला बन जाता है, Because उन दोनों के बहुत काम हो जाते है, उन्हें पूरा करते हुए दिन निकल जाता है, यह जिंदगी अच्छी तो है, मगर उसमे ख़ुशी नहीं है, किसी बात की कोई कमी नहीं है, but फिर भी लगता है, कोई तो कमी है, क्योकि मन के अंदर कोई भी ख़ुशी नहीं है,

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जब इंसान का मन खुश नहीं होता है, वह तनाव में आ जाता है, तनाव के कारण बहुत सी समस्या बढ़ जाती है, जिसके बाद उससे बाहर आने में समय लग जाता है, ऐसा एक दिन हो गया था, उसकी तबियत आज अच्छी नहीं थी, वह सुबह जल्दी उठ नहीं पायी थी, आज कुछ भी नहीं हो पाया था, किसी का भी नाश्ता नहीं बन पाया था, बेटा तैयार नहीं हो पाया था, पति ने देखा की पत्नी आज उठ नहीं पायी है, शायद तबियत ठीक नहीं है, वह पूछता है की आज क्या हुआ है,

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पत्नी ने कहा की आज तबियत अच्छी नहीं है,

Because रात भर नींद न आने की वजह से शायद ऐसा हुआ है,

पति को लग रहा था की आज उसे ऑफिस नहीं जाना चाहिए

क्योकि तबियत बहुत अधिक बिगड़ सकती है,

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आज बेटा भी घर पर ही था, क्योकि आज सभी काम रुक गए थे

वह दोनों डॉक्टर से मिले थे उसके बाद डॉक्टर कहता है की

यह सब कुछ तनाव की वजह से हुआ था,

तनाव लेने की वजह से यह समस्या आयी है,

आपको अधिक तनाव नहीं लेना चाहिए,

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उसके बाद पति को पता चल पाता है, Because वह नहीं जानता है की यह सब कुछ कैसे हुआ है, वह समझ गया था की शायद अधिक काम की वजह से या फिर साथ में समय न बिताने की वजह से यह सब कुछ हुआ है, but यह जिंदगी भी बहुत उलझी हुई है,

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यहां पर किसी के पास भी समय नहीं होता है, मुझे भी ऑफिस के काम से बाहर रहना पड़ता है, मेरे पास भी समय नहीं है, सब कुछ साथ नहीं चल पाता है ऑफिस के काम अधिक होने की वजह से आज यह समस्या आयी है, अगर वह काम नहीं होंगे तो घर नहीं चल सकता है,

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यह सब कुछ एक साथ कैसे होगा, पति भी जानता है, की पत्नी को समय चाहिए, but मेरे पास समय नहीं है, अभी तो वह अधिक नहीं कर सकता है, मगर वह जानता है, की कुछ समय देना चाहिए

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ऑफिस से कुछ दिन की छुट्टी लेने के बाद वह घूमने जाते है, यह मौका भी दस साल में एक बार ही आया था की वह तीनों घूमने गए थे शायद यह बिताए पल अच्छे हो सकते है सब कुछ अच्छा भी हो गया था, क्योकि उसके बाद पत्नी के चेहरे पर ख़ुशी नज़र आती है,

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आज पति को भी लग रहा था, की जीवन में हम सभी को सभी काम करने चाहिए but यह भागदौड़ की जिंदगी ने सभी का समय ले लिया है, सभी परेशान है, मगर कुछ पल पल आपको भी अपने समय से निकाल लेने चाहिए, आपको भी अपनी जिंदगी को आसान बनाना चाहिए, अगर आपको यह मनोहर कहानिया , manohar kahaniya in hindi पसंद आयी है, तो आप शेयर कर सकते है,   

  पत्नी और पत्नी के झगड़े की कहानी :-  Manohar kahaniya

मेरे पति हर रोज ऑफिस से देरी से आते है इस बात को लेकर पत्नी बहुत ही झगड़ा करती थी वह कहते थे कि हमेशा ही तुम देरी से आते हो और आकर खाना खाकर सो जाते हो यह बात ठीक नहीं है क्योंकि मुझे तुमसे बहुत सारी बातें करनी है लेकिन मुझे समय नहीं मिल रहा है सुबह ही तुम जल्दी ऑफिस निकल जाते हो और उसके बाद बहुत देरी से ऑफिस से आते हो हमें समय नहीं मिल पा रहा है 1 दिन भी ऐसा समय नहीं है आपके पास जिससे कि हम बैठ कर बात कर सके

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sunday के दिन आप अपने दोस्तों के पास चले जाते हो और पूरा दिन व्यस्त रहते हो इस तरह तो काम नहीं चलने वाला यह बात सुनकर पति कुछ नहीं कहता चुप रहता है तभी पत्नी कहते हैं कि तुम्हें जवाब देना होगा यह सब क्या चल रहा है मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है तुम्हारे पास हमारे लिए वक्त क्यों नहीं है तुम हमसे बात क्यों नहीं करना चाहते हैं मुझे ऐसा लगता है कि यह जिंदगी समस्या से भरी है और मेरे सामने तुम हर रोज नहीं समस्या खड़ी कर रहे हो

 

जिससे कि मुझे बहुत तकलीफ हो रही है अगर तुम इस बारे में बात नहीं करते हो तो शायद मैं भी तुमसे आगे से इस बारे में बात नहीं करूंगी लेकिन हमारे रिश्ते में धीरे-धीरे दूरी आ जाएंगे जो कि तुम्हारे और हमारे लिए ठीक नहीं है यह बात सोच कर ही मुझे जवाब देना पति कहता है कि मैं हर रोज काम से जाता हूं और तुम्हें इस बारे में पता है कि मैं ऑफिस में काम करने के लिए जाता हूं वहां पर आराम करने के लिए नहीं चाहता मैं पूरी तरह से थक जाता हूं और आकर खाना खाकर सो जाता हूं और सुबह मुझे जल्दी निकलना होता है  

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इस तरह हर रोज के लिए मैं ऐसा ही करता हूं जिससे कि तुम्हें वक्त नहीं मिल रहा है और अगर तुम sunday की बात करते हो तो वह वक्त मैं अपने दोस्तों के साथ इसलिए बिताता हूं क्योंकि मुझे पता है कि अगर मैं घर में रहता हूं तो हर रोज की तरह वही बातें होंगी और हमारे बीच झगड़ा शुरू हो जाएगा इसलिए मैं उस झगड़े को कम करने के लिए ही दूर रहने अधिक समझता हूं यह सुनकर पत्नी कहती है यह बात ठीक नहीं है तुम्हारे पास हमारे लिए वक्त नहीं है और अपने दोस्तों के लिए तुम्हारे पास वक्त है

 

अगर तुम्हें लगता है कि घर में रहने से झगड़े होंगे तो इस तरह तो कब तक चलने वाला है कभी ना कभी तो यह बात सामने आएगी इसलिए आज मुझे इस बारे में फैसला करना है कि तुम्हारे पास में हमारे लिए वक्त क्यों नहीं है पति कहता है कि हर रोज की तरह मैं ऑफिस जाता हूं और शाम को वापस आता हूं और आकर सो जा तो यह बात तुम्हें पता है लेकिन जिस दिन मैं घर में रहता हूं हमेशा ही तुम किसी ने किसी बात पर झगड़ा शुरु कर देती हो

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जिससे कि मुझे तकलीफ होती है और मेरा दिमाग खराब होने लगता है

उसी वजह से मैं बाहर रहने की कोशिश करता हूं जिससे कि

मैं कम से कम तुम्हारे सामने आओ और

हमारे बीच में झगड़ा है वह बहुत ही कम हो पाए

और इस तरह में दूरी बनाए रखता हूं

जिससे कि हमारे बीच में अधिक झगड़ा ना हो

लेकिन तुम चाहती हो कि यह झगड़ा पड़ जाए

और उसके बाद समस्या पैदा होते हो जाए

तो यह ठीक बात नहीं है जब पत्नी बात सुनती है तो वह कहते हैं

कि हमेशा मैं ही झगड़ा करती हूं

 

क्योंकि मुझे पता है कि तुम्हारे पास समय नहीं है उस समय के लिए मैं झगड़ा करती हूं

जो कि तुम्हारे पास बिल्कुल भी नहीं होता अगर तुम वह समय हमारे साथ बिताते

और तुम्हारे जीवन में जो भी समस्या बैठ कर बात कर सकते हैं

लेकिन तुम इस बात को समझने के लिए तैयार नहीं हो क्योंकि तुम्हें लगता है

कि अगर मैं बात करती हूं तो झगड़ा पैदा करती हूं जो कि अच्छी बात नहीं है

मुझे भी पता है कि झगड़ा करने से कोई फायदा नहीं होने वाला

हमारे बीच की दूरियां बहुत बढ़ जाएंगे और हो सकता है वह दिन भी आ जाए

कि हमारे बीच में बात होना भी बंद हो जाए

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मेरे पति कहता है कि अगर ऐसी बात है तो मैं इस बार संडे को घर पर ही रहूंगा और देखते हैं कि यह झगड़ा होने वाला है या नहीं, आने वाले संडे को हम दोनों साथ में वक्त बिताएंगे और बहुत सारी बातें करेंगे और जो भी तुम्हारी समस्या है हम उसका समाधान करने की कोशिश करेंगे एक हफ्ते बाद संडे भी आ जाता है उस दिन पति कहीं भी नहीं जाता है जैसा कि तय हुआ था कि दोनों के बीच बातचीत होनी थी और जो काम रूके हुए थे वह पूरे होने थे और इस तरह वह दोनों बात करना शुरू करते हैं धीरे-धीरे समस्याएं भी कम होने लगी

 

क्योंकि यह सब कुछ इसलिए हो रहा था कि पति अपनी पत्नी को समय नहीं दे पा रहा था जिसकी वजह से बहुत सारे काम अधूरे पड़े हुए थे वह पूरे नहीं हो पा रहे थे पति को एहसास हो गया था कि यह झगड़ा इसलिए हो रहा था क्योंकि उनके बीच बातचीत बंद सी हो गई थी बहुत ही कम बातचीत होती है जिसके कारण उन्हें समाधान कोई भी नजर नहीं आ रहा था लेकिन अब समाधान हो चुका था

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manohar kahaniya, यह कहानी सिर्फ इसलिए है कि हमें जीवन में एक दूसरे के साथ वक्त बिताना चाहिए एक दूसरे को समझना चाहिए हमें अपनी समस्याओं को बढ़ाना नहीं चाहिए बल्कि बढ़ती हुई समस्याओं को रोकने के अनेक उपाय करने चाहिए और सोच समझकर सही फैसले लेने चाहिए इससे जीवन में आने वाली समस्याएं बहुत कम हो सकती हैं

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