अच्छे स्वभाव की मोरल हिंदी कहानी, new moral stories in hindi

New moral stories in hindi

अच्छे स्वभाव की मोरल हिंदी कहानी, new moral stories in hindi में यह पता चलता है की जीवन में हमे कैसा व्यवहार करना चाहिए, परिस्थिया कैसी भी हो हमारे जीवन में किसी भी मुश्किल क्यों न हो हमारे लिए यह जरुरी है की हम अपना व्यवहार जरूर अच्छा रखे, ऐसा करने से हमारा जीवन अच्छ जरूर बन जाएगा, यह हिंदी कहानी आपको जरूर पसंद आएगी, 

अच्छे स्वभाव की मोरल हिंदी कहानी : new moral stories in hindi

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new moral stories in hindi

New moral stories in hindi, उसका स्वभाव बहुत ही अच्छा था, वह किसी भी काम को मना नहीं करती थी, अगर वह किसी काम के बारे में सोचना शरू कर दे तो उसे पूरा करे बिना वह पीछे नहीं हटती थी, बहुत ही कम लोगो में यह क्षमता होती थी, Because सभी लोग काम को आगे बढ़ा दिया करते है, Because वह उस समय उसे पूरा नहीं कर पाते थे, वह घर में अपनी माँ का हाथ बटाती थी जब भी वह घर पर होती थी, और बाकी का समय जो भी बच जाया करता था, उसमे अपने भाई के साथ बिताती थी Because अभी वह बहुत छोटा था,

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उस परिवार में दो बहन भाई और उनकी माँ ही थी, जोकि मिलकर ही रहते थे, वह किसी कंपनी में काम करती थी, वह अपना काम बहुत ही ईमानदारी से पूरा करती थी, उसके मन में हमेशा गरीब बच्चो के लिए दया थी, जोकि बहुत कम लोगो में होती है यह बात काफी समय पहले की है, एक दिन अपने ऑफिस के काम से वह ट्रैन से दूसरे शहर में जा रही थी, तभी एक गरीब बच्चा और उसकी माँ भी ट्रैन में चढ़ गयी थी, जैसा की आप सभी यह बात जानते है की ट्रैन वह लोग किसी-न-किसी से खाने को मागंते है,

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वह भी अपने छोटे बच्चे के साथ यह सब कर रही थी, जिसकी जो भी इच्छा होती वह दे दिया करता था, कुछ लोग ऐसा नहीं कर रहे थे उनका मानना यह है की यह तो हर रोज होता है, तभी वह भेख मांगती हुई आगे बढ़ी और उस लड़की के पास पहुंची थी, तभी उस लड़की ने कुछ पैसे दिए और वह आगे बढ़ गयी थी, अभी ट्रैन को चले कुछ देर हुई थी, तभी सामने से एक छोटा बच्चा भी ऐसे ही मांगते हुए आ रहे था, जब वह लड़की के पास आया तो उसने उसे कुछ खाने को दिया और उससे उसका नाम पूछा था, उस लड़के ने अपना नाम संजीव बताया था, वह लड़का उस महिला का था जो अभी-अभी उस ट्रैन में चढ़ी थी, वह लड़का भी आगे बढ़ गया था, उसके बाद वह लड़की भी कुछ सोचती हुई कुछ याद कर रही थी,

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शायद उसे छोटे बच्चे अच्छे लगते होंगे, और वह उनकी मदद भी करती है, इस तरह उसका जीवन भी बहुत सदा था, हमेशा अगर जीवन में खुश रहना चाहते है तो जितना आपका जीवन सदा होगा उतनी ही आपकी जिंदगी अच्छी होगी, हमारे जीवन में बनावटीपन नहीं होना चाहिए, Because यह हमारे जीवन को अच्छा नहीं बनता है, बल्कि उसे और अधिक मुसीबत में डालता है, उस लड़की का स्टेशन आ चुका था वह ट्रैन से उत्तरी और अपने ऑफिस की जगह पर पहुंचने के लिए किसी टैक्सी का इंतज़ार करने लगी थी, तभी कुछ देर बाद उसकी टैक्सी आ गयी थी, और वह उसमे बैठने वाली थी की तभी एक और बच्चा भीख मांगते हुए उसके पास आ गया था, उस लड़की ने उसे भी कुछ दिया और अपनी टैक्सी में चली गयी थी, उसे किसी भी बच्चे का दुःख नहीं देखा जाता था,

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इसलिए वह सबकी मदद कर रही थी, और इसमें उसे परेशानी नहीं हो रही थी, क्या आपको लगता है की हमे मदद करनी चाहिए अगर हम सब अपनी बात करे तो हम एक या दो भिखारी को दे सकते है उसके बाद हम उन्हें कुछ नहीं दे पाएंगे, Because हम लोग परेशान हो जाएंगे यही पर हमारी सोच क्या कहती है यह सब पता चलता है, हम सभी जानते है की थोड़ा दान करने से हमारे पेसो में कोई कमी नहीं आएगी, but अगर हम नहीं करते है तो हमारी सोच और हमारे इंसान होने में थोड़ी कमी जरूर आती है, किसी की मदद करने से जो सुख मिलता है वह आप कही पर भी न पा सकते है, आप भी थोड़ा जरूर सोचे शायद आपके विचार ही बदला जाए, खेर यह बात तो हमारी हुई अब हम आगे बढ़ते है लड़की अपने ऑफिस पहुंच चुकी थी, और अंदर जाने से पहले उसे एक और भिखारी मिल गया था, उसने उसे भी कुछ दान दिया और आगे बढ़ गयी थी, 

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उसने अपने ऑफिस का काम किया और शाम की ट्रैन से वापिस आने लगी थी, ऐसा लगता है की सुकि सोच सबसे अलग थी, ऐसी सोच अगर हम सभी में हो जाए तो हमारा जीवन भी कठनाई से दूर हो जाए, वह अपने घर पर रात होने से पहले जाना चाहती थी, इसलिए वह समय से ही अपने ऑफिस से निकल चुकी थी, उसने अपने जीवन में बहुत मुश्किल का सामना किया  था, यह बात भी सही है की जो मुश्किल का सामना करते है वह अपनी जदगी को आसान बना लेते है, वह सोचती हुई अपने घर पार आ गयी थी अभी रात भी हो चुकी थी, और वह घर पहुंची तो उसने अपनी माँ को खाना बनाते देखा तो उसने उनकी मदद शरू कर दी थी, वह यह भी भूल चुकी थी वह दूर के सफर से आयी थी, हम लोग कुछ दुरी तय करने के बाद भी कुछ नहीं करते है Because हमारा शरीर साथ नहीं देता है, जबकि हमेशा काम करते रहना ही अच्छा होता है,

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हमे भी अपने जीवन में कुछ अच्छी बाते अच्छे व्यवहार अपनाने चाहिए और एक मजबूत इंसान बनना चाहिए जो सबकी मदद करे सबके काम आये, सबको अपना समझे और उसे यह कभी महसूस न हो की वह सबकी मदद करता है तभी वह जीवन में आगे बढ़ सकता है, सोचने में थोड़ा अजीब लगता है but यही सही है, और हमे ऐसा ही बनना होगा, अगर आपको यह अच्छे स्वभाव की कहानी, (new moral stories in hindi) पसंद आयी है तो आप इसे शेयर जरूर करे और कमेंट करके हमे भी बताये, अगर आप कुछ भी पूछना चाहता है तो आप कमेंट कर सकते है,

 

स्वभाव से सब कुछ हो सकता है मोरल कहानी :- new moral stories in hindi

उसका “स्वभाव” बहुत अच्छा था, क्योकि वह जानता था जिनका “स्वभाव” अच्छा होता है, वह कुछ भी कर सकते है, दुसरो के काम आ सकते है, क्योकि इस दुनिया में कुछ लोग अपने मतलब से बात करते है, उस आदमी का नाम भोलू था भोलू का “स्वभाव” बहुत अच्छा था, एक बार की बात है एक साधू बाबा आते है, उन्हें भूख लगी थी, वह भोलू के पास आते है, भोलू देखता है, बाबा आये है, वह उनके पास जाता है, उनसे कहता है, आप हमारे यहां पर आये है, मेरा भाग्य जाग जाएगा यह सुनकर बाबा कहते है,

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मुझे तुम बहुत नेक बंदे लगते हो, तुम वह बात कह रहे हो जोकि मेने अभी तक किसी से भी नहीं सुनी है, सभी को लगता है हम मांगने आये है, इसलिए वह बात भी करना पसंद नहीं करते है, यह सुनकर भोलू कहता है मुझे पता नहीं है मगर में समझता हु की हमे अपने द्वार पर आये सभी का सम्मान करना चाहिए, भोलू कहता है आपको भूख लगी होगी, आप यहां पर बैठ जाए में आपके लिए पानी लाता हु, यह सुनकर बाबा कहते है तुम्हर “स्वभाव” बहुत अच्छा है,

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इस “स्वभाव” के कारन ही तुम सभी को पसंद आते होंगे, भोलू घर के अंदर जाता है, मगर भोलू के पास अभी बना हुआ खाना नहीं था, वह बाबा से कहता है की में यहां पर अकेला ही रहता हु अभी भोजन बन जायेगा आप कुछ देर इंतज़ार करे, बाबा कहते है की कोई बात नहीं है, मुझे नहीं पता था, तुम अकेले हो, तुम्हे परेशान होने की जरूरत नहीं है, उसके बाद भोलू कहता है आप यहां से ऐसे नहीं जा सकते है, मुझे अच्छा नहीं लगेगा बाबा को लगता है भोलू नाराज न हो जाये इसलिए वह कहते है की ठीक है तुम भोजन ला सकते हो,

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कुछ समय बाद भोलू भोजन बनाकर लाता है, वह बाबा को भोजन देता है, बाबा भोजन करते है, उसके बाद बाबा कहते है तुम्हे जीवन में सुख मिलेगा तुम्हारा यह स्वभाव तुम्हे बहुत आगे तक ले जा सकता है तुम्हे यह “स्वभाव” बदलना नहीं है, इससे तुम बहुत अच्छे लगते हो, बाबा उसे आशीर्वाद देते है उसके बाद चले जाते है, भोलू का यह स्वभाव ही सब कुछ था उसे लगता था, जब हम अच्छे स्वभाव से किसी की सेवा करते है तो वह सेवा सफल हो जाती है, अगर आपको यह कहानी (new moral stories in hindi) पसंद आयी है तो आप शेयर जरूर करे

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