मज़बूरी की कहानी, Majburi ki hindi kahani

Majburi ki hindi kahani

इंसान मज़बूरी (majburi ki hindi kahani, true story in hindi, long story in hindi) के सामने कुछ भी नहीं कर पाता है, क्योकि वह उसके सामने बंधा हुआ नज़र आता है, यह कहानी भी इसी आधार पर है,

मज़बूरी की कहानी: majburi ki hindi kahani

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majburi ki hindi kahani

इंसान की मज़बूरी उससे बहुत कुछ करवा सकती है, क्योकि जब इंसान मजबूर होता है तो उसे वह काम करना पड़ता है, एक गांव में संजू नाम का किसान रहता था, वह अपनी छोटी सी खेती में खुश था, लेकिन कुछ देर बाद उसके घर पर साहूकार आया और बोला की आज बहुत साल हो गए है, अब मुझे यह कागज तुम्हे दिखाना चाहिए,

 

संजू किसान बोला की इसमें क्या लिखा है, साहूकार बोला की तुम्हारे पिताजी ने मुझे से काफी कर्जा लिया था, अब उस कर्जे का ब्याज बहुत जयादा बढ़ गया है, मुझे तुम यह रकम लोटा दो और इसके साथ ही तुम्हे ब्याज भी देना होगा, संजू किसान को इस बारे में में कुछ भी पता नहीं था, इसलिए उसने साहूकार से कहा की मुझे तो इस बारे में कुछ भी नहीं पता है,

Story in hindi-अच्छी सोच की कहानी

साहूकार ने कहा की में इस बारे में कुछ नहीं जानता हु, मुझे अब बहुत जरूरत है इसलिए में यहां पर आया हु, जब किसान ने वह कागज पढ़ा तो उसमे लिखा था, की हमारी खेती अब अच्छी नहीं चल रही है, इसलिए अपने घर को में इस खेती के कारण नहीं चला पा रहा हु, इसलिए यह कहती में साहूकार के यहां पर गिरवी रखकर कुछ रकम उधार ले रहा हु, जब संजू किसान को यह पता चला तो उसे बहुत दुःख हुआ था,

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संजू किसान यह जानता था की इस खेती में मुझे कुछ बचता नहीं है मगर फिर भी यह हमारे खाने का इंताज करती है, इसलिए में इस खेती को करता हु, अब साहूकार आया है और मुझे इतने साल की रकम देनी पड़ेगी जोकि मेरे पास नहीं है, अब परेशानी बढ़ने वाली थी, साहूकार बोला की अब क्या करना है यह बताओ, तुम खेती वापिस करते हो या मेरा मूल और ब्याज देते हो,

Story in hindi-सच्चे प्रेम की कहानी

संजू किसान बोला की आप जानते है की मेरी आमदनी इतनी नहीं होती है, की में आपकी कोई भी शर्त पूरी कर पाऊ, अब आप ही बताये की में क्या करू साहूकार को तो अपनी रकम चाहिए थी या वह ऐसा काम करवा सकता था जिससे उसकी भरपाई हो सके, साहूकार ने कहा की ठीक है तुम अपनी खेती कर सकते हो, लेकिन तुम्हे मेरे यहां पर सुबह और शाम को आकर काम करना पड़ेगा,

Story in hindi-धन का लालच

संजू किसान इस बात को मान गया था, साहूकार ने कहा की मेरी पूरी बात तो सुन लो, तुम्हे हर रोज सुबह को दूध निकालना होगा, और शाम को भी तुम्हे ऐसा ही करना होगा, संजू किसान ने कहा की यह तो बहुत जयादा हो जाएगा, मुझे खेती करने भी जाना होता है, साहूकार ने कहा की अगर तुम नहीं कर सकते तो मेरी रकम दे दो, संजू किसान की अब मजबूरी हो गयी थी, वह हर रोज साहूकार के यहां पर जाता और बाद में अपनी खेती पर जाता, 

Story in hindi-जीवन के अच्छे कर्म की कहानी

संजू किसान की पत्नी बोली अगर ऐसा ही चलता रहा तो तुम्हारी तबियत खराब हो जायेगी, संजू किसान इस बात को जनता था, लेकि वह कर भी क्या सकता था, संजू किसान की पत्नी बोली हमे साहूकार को अपनी खेती देनी चाहिए और तुम्हे कोई दूसरा काम कर लेना चाहिए हम दोनों इस बात को जानते है की उसकी रकम हम जीवन में कभी नहीं दे पायंगे, और उसका काम भी दो -तीन दिन का नहीं है जीवन भर का है,

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संजू को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था, उसकी पत्नी ने जो कहा था शायद वह हो सकता था, संजू साहूकार के पास गया और उसने अपनी खेती उसे वापिस कर दी, अब संजू के घर में कुछ जगह थी उसी में उसने कुछ सब्जिया बो दी, और उन्हें बेचकर अपना घर चला रहा था, इंसान की मज़बूरी जब इतनी बढ़ जाती है तो वह और कर भी क्या सकता है,

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