सपनों की दुनिया बच्चों की कहानी, Kids hindi story with moral 

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Kids hindi story with moral 

सपनों की दुनिया बच्चों की कहानी (Kids hindi story) आपको पसंद आएगी जो बच्चे हमेशा सपनों में खोये रहते है उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए बल्कि अपने लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए.

सपनों की दुनिया बच्चों की कहानी : Kids hindi story with moral 

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Kids hindi story with moral, रोज वह अच्छे-अच्छे सपने देखा करता था और यही सोचा करता था कि मेरे सपने सच हो जाए वह लड़का अपने सपनों में ही खोया रहता था और यही सोचता था कि अगर मेरे सपने सच हो जाते हैं तो इससे मुझे बहुत फायदा होगा इसलिए वह हमेशा सोने के लिए तैयार रहता था

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जिससे उसका आलस भी धीरे-धीरे बढ़ गया था सपने देखने के कारण वह लगातार अपने आलस को बढ़ा रहा था जिससे उसके बहुत से काम नहीं हो पा रहे थे वह स्कूल में भी कभी-कभी सो जाया करता था इसलिए उसे इस बात के लिए सजा मिलती थी लेकिन वह अपनी आदत को सुधार नहीं पा रहा था वही यही सोचता था कि जो मुझे सपने आते हैं वह सच क्यों नहीं होते हैं एक दिन वह स्कूल से आया और खाना खा कर जल्दी ही सो गया और उसे सपना आया कि वह सपने में राजकुमार बना हुआ है और अपने महल में बहुत से सेवकों को देख रहा है

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उसे यह सपना बहुत अच्छा लग रहा था वह अपने सपने में इतना खोया हुआ था कि समय भी नहीं देख पा रहा था कि वह है बहुत अधिक सो गया है जिसके कारण वह उठने में काफी देर लगा रहा था जब उठा तो शाम हो चुकी थी और उसे यह महसूस हुआ कि आज उसने अपना बहुत अधिक समय बर्बाद कर दिया है अगर वह सपना ना देखता तो वह अपने स्कूल का काम कर पाता था लेकिन जिसके कारण उसे स्कूल में सजा मिल सकती है इसलिए वह सपनों से परेशान हो रहा था

 

जब अगले दिन स्कूल में गया तो उसे सजा मिली क्योंकि वह काम भी पूरा करके नहीं लाया था और अगले दिन ही उसके माता पिता को स्कूल में बुलाया गया जब उसके माता-पिता स्कूल में आए तो उन्हें बताया गया कि आपका लड़का है क्लास में ही सो जाता है और घर से भी काम पूरा करके नहीं लाता है आप को इस पर ध्यान देना चाहिए अगर ऐसे ही चलता रहा तो यह पढ़ाई में कमजोर हो जाएगा

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यह बात सुनकर उसके माता पिता बहुत परेशान हो गए थे और

जब वह घर पर आया तो उससे पूछा गया कि तुम किस दुनिया में खोए रहते हो

जिससे कि तुम्हें असलियत दुनिया में क्या चल रहा है यह भी नहीं पता होता है

तुम अधिक सोने में ही समय व्यतीत करते हो जिसका परिणाम तुम्हें भुगतना पड़ रहा है

उस दिन के बाद लड़के नहीं आपने अधिक सोने पर ध्यान नहीं दिया और अपने काम पर ध्यान देने लगा

 

वह समझ गया था कि सपने कभी सच नहीं होते और

उनके पीछे दौड़ने से हम अपना समय ही बर्बाद करते हैं

इसलिए दोस्तों अपने जीवन में भी तुम्हें सपनों के पीछे नहीं भागना चाहिए

बल्कि मेहनत करनी चाहिए अगर तुम मेहनत करते हैं

तो अपने सपनों को साकार कर सकते हैं सपने देखने से कुछ नहीं होता है

उन को साकार करने के लिए आपको मेहनत करनी पड़ती है.

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साधु और कछुवा की हिंदी कहानी :- Kids hindi story with moral

इस कहानी में बच्चों को साधु शिक्षा देते है. उन्हें अपने जीवन में किसी को भी परेशान नहीं करना चाहिए. क्योकि अगर वह ऐसा करते है. तो उनके जीवन में समस्या आती है. वह सभी बच्चे नदी के पास खेल रहे थे. तभी उन्हें एक कछुवा मिलता है. वह उसे परेशान करने लगते है. तभी उस जगह से एक साधु जी आते है. वह देखते है की कुछ बच्चे कछुवा को परेशान कर रहे है. 

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वह उनके पास जाते है. उनसे कहते है. तुम्हे इस कछुवे को परेशान नहीं करना चाहिए. क्योकि यह बहुत दुखी हो सकता है. यह पानी के पास रहता है. इसे नदी के पास रहना अच्छा लगता है. मगर तुम सभी इसे परेशान कर रहे हो. वह बच्चे कहते है की यह हमे बहुत अच्छा लग रहा है. इसे परेशान करना भी बहुत अच्छा लगता है. तभी साधु कहते है की अगर तुम्हे कोई परेशान करता है. तुम क्या कर सकते हो.

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Kids hindi story with moral, वह सभी बच्चे कहते है की अगर हमे कोई परेशान करता है तो हमे बहुत गुस्सा आ सकता है. इसलिए हम उसे भी परेशान करने लग सकते है. अब साधु कहते है की यह कछुवा बहुत शांत होता है. यह किसी को कुछ नहीं कहता है इसलिए तुम परेशान करते हो. अगर यह तुम्हे परेशान कर सकता तो तुम इसके पास भी नहीं आ सकते थे. अब सभी को समझ आ गया था, वह सभी कछुए को जाने देते है. क्योकि साधु की बात को समझ गए थे. हमे भी किसी को परेशान नहीं करना चाहिए.

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